“यह खांसी की दवाई उत्तम है”

अधिकांश लोगों को ऊपर बयान पर रूचि रखेंगे. हर एक लोग उनके जीवन में किसी समय अच्छे खांसी की दवाई की खोज में प्रयास बिताया है. आखिर, खांसी एक आम रोग लक्षण है.

खांसी क्या है? हमारे फेफड़ों के अन्दर से हवा का आकस्मिक निष्कासन को खासी कहा जाता है. सीने में दीवार की मांसपेशियों के एक अचानक संकुचन के कारण हवा निष्कासित होता है. किसी प्रोत्साहन के जवाब मे ऐसा होता है. उद्देश्य है वायुमार्ग के अंदर फसा हुआ किसी चीज़ को निष्कासित करना. फसा हुआ सामग्री श्लेष्म, रक्त, या एक बाहरी वस्तु हो सकता है. इस प्रकार खाँसी एक सुरक्षात्मक प्रक्रिया है जिससे हमारी वायुमार्ग साफ रहता है. लेकिन कभी कभी वायुमार्ग से निष्कासित करने लाएक सामग्री नहीं होने की बवाज़ुत खासी होता है. ऐसे मामलों में खांसी व्यक्ति के लिए एक उपद्रव के कारन हो जाता है.

खांसी की कई वजह हो सकता है, जैसा:
1. बाहर के वातावरण के सामग्री अथवा फेफड़ों के भीतर से उत्पादन किया असामान्य द्रव्यात्मक हमारे वायुमार्ग को उत्तेजित कर सकता है. फेफरों से ऐसे असामान्य सामग्री निमोनिया जैसे रोग में उत्पादन होता है. क्षय~रोग (टी बी) और कैंसर में खासी इसी प्रक्रिया से होता है.
2. एलर्जी के कारन से वायुमार्ग धूल, ठंडी हवा, या दवाओं की संस्पर्श में अत्यंत अनुभुत बन जाता है. श्वासरोग (अस्थमा) एक ऐसी बीमारी की नमूना है. यह आमतौर पर बचपन से ही लोगों को प्रभावित करता है और कभी कभी केवल खांसी से पेश आता है.
3. ACE inhibitors जैसे दावा खाँसी के कारन हो सकता है. ऐसे मामला में दवा बंध करने से खासी चला जाता है. Ramipril की तरह ACE inhibitors आमतौर से उछ रक्तचाप और हृदय की बीमारी में उपयोग किया जाता है.
4. कई वायरल (viral) बीमारी में खाँसी होता है. ऐसे खासी प्रायः दो से तिन सप्ताह में ठीक हो जाता है.
5. धूम्रपान करने वालों के लम्बे समय से खासी चल सकता है. इससे उनको अपने से दुसरो को ज्यादा परिशानी होता है. यह इसलिए है क्योंकि वे खुद को खांसी की आदत हो जाता है.

अक्सर खासी अपने आप ठीक होता है और उसके कोई इलाज करना नहीं होता है. खाँसी के महत्व और उपचार खांसी का कारण पर निर्भर करेगा. खासी के लिए ज़िम्मेदार बीमारिया के निदान की चर्चा इस रचना के दायरे से बाहर है.

तो, खासी के दवा हम कब इस्तेमाल करेंगे? परंपरागत रूप से खांसी की दवाई अलग अलग संघटक का मिश्रण है. खासी की दवाई की हर संघटक की अलग काम है और वो दुसरे संघटक के बिपरीत भी कभी कभी होता है. निचे कुछ खासी की दवा की संघटक की बर्णन दी गयी.
1. खाँसी निरोधक (suppresant): कौडीन ऐसा दवा है जो खांसी को रोध करता है. परेशान करने वाला सूखी खांसी को इस दवा से रोध किया जाता है. यह विशेष रूप से उपयोगी है जब खासी से खून निकलता है. कौडीन एक opioid जो अफीम के व्युत्पन्न प्रसिद्ध मादक जो अवैध नशीली दवाओं के बाजार में कारोबार होती है. यही कारण है कि कौडीन युक्त खांसी दवा नशेड़ी द्वारा दुरुपयोग होने का कारन, खासकर इसलिए क्योंकि यह दवाखाना पर आसानी से उपलब्ध है. किशोरों विशेष रूप से इस नशा से ग्रस्त हैं.
2. Expectorant: यह कथित~रूप~से फेफड़ों से बलगम निकलने में मदद करता है. Guaifenesin एक उदाहरण है.
3. Mucolytic: एक पदार्थ है जो श्लेष्म की चिपचिपाहट को कम कर देता है और स्लेश्म का निष्कासन में सहायता करता है. Bromhexine एक उदाहरण दवा है. इसकी उपयोगिता संदिग्ध है.
4. Antihistaminic: यह बायुमार्ग की एलर्जी या अत्यंत अनुभुत प्रतिक्रिया कम करता है. Chlorpheniramine इस समूह का एक उदाहरण है.
5. Decongestants: अत्यधिक स्राव के मामलों में श्लेष्मा झिल्ली शुष्क किया जाता है इस दवा से. Pseudoephedrine एक उदाहरण है.
दवाखाना में मिलनेवाला खांसी के syrup (सिराप) उपरोक्त दवाओं के विभिन्न संयोजन है. खांसी की दवाई की ब्रांडों की सैकड़ों भारत में बेचा जाता है. और कोई दो खाँसी syrups एक जैसे नहीं होता हैं! भारत की टाइम्स ऑफ़ इंडिया का एक रिपोर्ट की कहना है कि खांसी की syrups भारत में प्रमुख बेचने वाला ब्रांड में से हैं (1). एक Cochrane Collaboration की meta-विश्लेषण (उपलब्ध चिकित्स्य साहित्य के एक विश्लेषण) से पता चलता है कि बच्चों या वयस्कों में तीव्र खाँसी के लिए बाज़ार में उपलब्ध खांसी दवा के खिलाफ या पक्ष में कोई भी सबूत नहीं है (2). लेकिन यह एक सामान्यकृत बयान है. कुछ विशेष परिस्थितिया के नीचे दिए गए हैं:
1. pseudoephedrine जैसा Decongestants को भी उच्च रक्तचाप का कारण स्वरुप जाना जाता है.
2. Antihistamine की कारण नींद आ सकता है और चालकों या मशीनरी ऑपरेटरों के लिए यह दवा उपयुक्त नहीं हैं.
3. नशीले पदार्थों की क्षमता पहले से ही चर्चा की गई.
हाल ही में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) 500 अननुमोदित खांसी और एलर्जी विरोधी दवाओं अमेरिकी बाजार से हटा दिया गया है (3). इस कारवाई यह साबित करता है कि इस तरह की दवाएं बाजार में आवश्यकता से अधिक उपलब्ध है. विनिर्माण कंपनियों एक बेख़बर जन समुदाय दो बेचने की कौशिश करता है. विज्ञापन इस हद तक आ पंहुचा की डाक्टर ने रोगी को खासी की सिराप अगर नहीं दिया तो रोगी की मन में बरी दुःख होता है. इस समस्या रोगी शिक्षा और मजबूत कानून से हल किया जा सकता है.

संसाधन:
1. http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2007-01-24/india-business/27887089_1_cough-syrup-human-mixtard-brands
2. The Cochrane Collaboration Meta-analysis of over-the-counter- cough and cold medications in children and adults: www.cfah.org/hbns/archives/viewSupportDoc.cfm?supportingDocID=524
3. http://www.fda.gov/NewsEvents/Newsroom/PressAnnouncements/ucm245048.htm

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